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NIA investigation against Kejriwal: बुरे फंसे केजरीवाल!  प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन SFJ से कथित फंडिंग मामले में LG ने की NIA जांच की सिफारिश

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NIA investigation against Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री की अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केजरीवाल कथित शराब घोटाले के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फार जस्टिस से धन लेने का उन पर आरोप है। इसी मामले के चलते दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एनआई जांच की सिफारिस की है। एक कहावत है, जब समय खराब होता हैं, तो ऊँट पर बैठे व्यक्ति को भी कुत्ता काट लेता है। ये कहावत इस समय केजरीवाल पर फिट बैठ रही है। एक तो वह पहले से ही जेल की हवा खा रहे हैं, दूसरी ओर उन पर आंतकी संगठन से फंड लेने की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी।

NIA Investigation against Kejriwal: क्या है पूरा मामला

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उस आरोप के बाद एनआईए जांच की सिफारिश की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आम आदमी पार्टी (आप) को सिख फॉर जस्टिस संगठन से 1.6 करोड़ डॉलर मिले थे। आरोप के अनुसार, फंडिंग का उद्देश्य आतंकवादी देवेंद्र पाल भुल्लर की रिहाई में सहायता करना और खालिस्तानी समर्थक रवैये को बढ़ावा देना था। भुल्लर 1993 के दिल्ली बम ब्लास्ट केस का दोषी है।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश के मुताबिक, शिकायत वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव आशू मोंगिया ने दर्ज कराई थी. केंद्रीय गृह सचिव को लिखे पत्र में, सक्सेना ने प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू के एक कथित वीडियो का उल्लेख किया। पन्नू ने वीडियो में कहा है कि अरविंद केजरीवाल को 2014 से 2022 के बीच खालिस्तानी समूहों से 1.6 करोड़ डॉलर की फंडिंग हासिल की थी। 1 अप्रैल को मोंगिया ने एलजी के पास शिकायत भेजी थी।

एलजी ने अपने पत्र में कहा, ”शिकायतकर्ता ने एक वीडियो (पेन ड्राइव से जुड़ी) की सामग्री का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर गुरपतवंत सिंह पन्नू (एक खालिस्तानी आतंकवादी और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के संस्थापक) को दिखाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी ( अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP को 2014 और 2022 के बीच खालिस्तानी समूहों से 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी रकम मिली। केजरीवाल पर 2014 में न्यूयॉर्क के गुरुद्वारा रिचमंड हिल में खालिस्तानी अनुयायियों के साथ गुप्त रूप से मुलाकात करने का भी आरोप है। चर्चा के दौरान, केजरीवाल कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के लिए खालिस्तानी समूहों से पर्याप्त वित्तीय सहायता के बदले में देवेंदर पाल भुल्लर को रिहा करने में मदद करने का वादा किया गया था।

उपराज्यपाल के प्रधान सचिव ने बताया कि शिकायतकर्ता ने चरमपंथी समूह जस्टिस फॉर सिख्स द्वारा आम आदमी पार्टी को वित्त पोषण के आरोपों की व्यापक जांच का अनुरोध किया है। पत्र के मुताबिक, “शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर ट्वीट के अनुसार, डॉ. मुनीश कुमार रायजादा, जो आप में कार्यकर्ता थे, ने अरविंद केजरीवाल और सिख नेताओं की एक तस्वीर साझा की, जो 2014 में रिचमंड हिल गुरुद्वारा, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी (तस्वीरों की कुछ प्रतियां संलग्न हैं)। अपने ट्वीट में उन्होंने यह भी पुष्टि की कि सार्वजनिक बैठकों में भाग लेने के अलावा, केजरीवाल ने रिचमंड हिल्स गुरुद्वारा में खालिस्तान समर्थक सिख नेताओं के साथ एक बंद दरवाजे की बैठक की थी।

उपराज्यपाल के मुख्य सचिव के अनुसार, शिकायतकर्ता ने चरमपंथी समूह जस्टिस फॉर सिख्स द्वारा आम आदमी पार्टी को वित्तीय सहायता प्रदान करने के दावों की गहन जांच करने को कहा है। पत्र के अनुसार, ”शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि, प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक ट्वीट के अनुसार, डॉ. मुनीश कुमार रायजादा, जो कि आप कार्यकर्ता थे, ने अरविंद केजरीवाल और सिख नेताओं की एक तस्वीर साझा की थी, जो कि 2014 में रिचमंड हिल गुरुद्वारा, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में लिया गया (कुछ चित्र संलग्न हैं)। अपने ट्वीट में उन्होंने यह भी पुष्टि की कि सार्वजनिक बैठकों में भाग लेने के अलावा, केजरीवाल ने रिचमंड हिल्स गुरुद्वारा में खालिस्तान समर्थक सिख नेताओं के साथ एक बंद दरवाजे की बैठक की थी।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि केजरीवाल ने भुल्लर के लिए क्षमादान की मांग करते हुए पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। इस संदर्भ में अरविंद केजरीवाल द्वारा श्री इकबाल सिंह को संबोधित एक पत्र की प्रति संलग्न है। 27.01.2014 को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि ‘हमारी सरकार इस मुद्दे के प्रति सहानुभूति रखती है और पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इसमें आगे उल्लेख किया गया है कि ‘दिल्ली सरकार ने पहले ही राष्ट्रपति को प्रोफेसर भुल्लर की रिहाई की सिफारिश की है और अन्य मुद्दों पर काम करेगी एसआईटी आदि। मीडिया में भी इस बारे में खूब खबरें छपीं। उस समय की खबरों के अनुसार इकबाल सिंह भुल्लर की रिहाई के लिए लिखित आश्वासन की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे थे। केजरीवाल का पत्र मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त कर दिया।”

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि केजरीवाल ने पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर भुल्लर के लिए क्षमादान की मांग की थी। इस संदर्भ में, अरविंद केजरीवाल द्वारा श्री इकबाल सिंह को संबोधित एक पत्र संलग्न है। पत्र दिनांक 27.01.2014 में कहा गया है, “हमारी सरकार इस मुद्दे पर सहानुभूति रखती है और पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इसमें आगे उल्लेख किया गया है कि ‘दिल्ली सरकार पहले ही राष्ट्रपति को प्रोफेसर भुल्लर की रिहाई की सिफारिश कर चुकी है और अन्य मुद्दों पर काम करेगी।”

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