क्या आप जानते हैं कि दिल्ली को पहले किस नाम से जाना जाता था ?

भारत की राजधानी, दिल्ली की सशक्त ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है। यहां भारतीय इतिहास के कुछ सर्वाधिक शक्तिशाली सम्राटों ने शासन किया था।

शहर का इतिहास महाभारत के जितना ही पुराना है। इस शहर को इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जहां कभी पांडव रहे थे। 

समय के साथ-साथ इंद्रप्रस्थ के आसपास आठ शहर : लाल कोट, दीनपनाह, किला राय पिथौरा, फिरोज़ाबाद, जहांपनाह, तुगलकाबाद और शाहजहानाबाद बसते रहे। 

पांच शताब्दियों से भी अधिक समय से दिल्ली राजनीतिक उथल-पुथल की गवाह रही है।  

वर्ष 1911 में, अंग्रेजों ने कलकत्ता से बदलकर दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया। यह शहर पुनः शासकीय गतिविधियों का केन्द्र बन गया। 

किन्तु, शहर की प्रतिष्ठा है कि वह अपनी गद्दी पर बैठने वालों को बदलती रहा है। इनमें ब्रिटिश और वे वर्तमान राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं, जिन्हें स्वतंत्र भारत का नेतृत्व करने का गौरव हासिल हुआ है। 

1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, नई दिल्ली को अधिकारिक तौर पर भारत की राजधानी घोषित किया गया।